India/ भारत

सिक्किम को देश बताने का भ्रामक विज्ञापन

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अवधेश कुमार

यह बात समझ से परे है कि दिल्ली सरकार की ओर से कोई विज्ञापन निकले और उसमें सिक्किम को अलग देश बताया जाए। ऐसा होता है तो यह सोचना भी जरुरी हो जाता है कि आखिर यह कैसे और क्यों हुआ। भारत में नौकरियों के अनेक विज्ञापन निकलते हैं जिनमें नेपाल एवं भूटान के नागरिकों से भी आवेदन मांगे जाते हैं।

उन दोनों देशों के साथ हमारी संधि है जिसके तहत वे भारतीय सेवा में आम भारत के नागरिक की तरह नौकरी कर सकते हैं। दिल्ली में सिविल डिफेंस यानी नागरिक सुरक्षा विभाग में स्वयंसेवकों की भर्ती के लिए जो विज्ञापन निकला उसमें सिक्किम को नेपाल और भूटान के साथ रख दिया गया। कोई विज्ञापन ऐसे ही जारी नहीं होता। पहले उसका ड्राफ्ट तैयार होता है। उसके बाद उसकी त्रुटियां देखी जातीं हैं। फिर अधिकारी उसको एप्रुव करते हैं। उसके बाद मीडिया में जारी करने की अनुमति दी जाती है। मीडिया में जाने के पूर्व भी पूरी तरह उसे चेक किया जाता है। इस तरह कोई विज्ञापन एक साथ कई कर्मचारियों, अधिकारियों के हाथों से गुजरता है।

वैसे कुछ विज्ञापन के लिए तो पहले से ही खांचा बना हुआ है। उसे निकालकर केवल नई जरुरताों के अनुसार बदलकर भेज दिया जाता है। देश की अखंडता से बढ़कर हमारे लिए कुछ हो ही नहीं सकता। अगर अपने ही देश में इस तरह देश की एकता-अखंडता से खिलवाड़ करने वाले विज्ञापन निकलने लगें तो विदेशियों को हम कैसे दोष दे सकते हैं? चीन अरुणाचल से लेकर लद्दाख के एक भाग को अपना दिखाता है। पाकिस्तान पूरे कश्मीर को अपने नक्शे में शामिल करता है। सिक्किम का विलय जिस अवस्था में हुआ उससे चीन कभी खुश नहीं था। हालांकि उसने सच को स्वीकार कर लिया लेकिन समय-समय पर वहां चीनी सेना घुसपैठ करती रहती है।

हाल ही में उसने घुसपैठ की ओर भारतीयों सैनिकों से हाथापाई भी हुई। इसमें यदि राजधानी दिल्ली से इस तरह का भ्रामक विज्ञापन निकलता है तो इसे सामान्य मानवीय त्रुटि या आया-गया मामला नहीं माना जा सकता। उपराज्यपाल अनिल बैजल ने जानकारी दे दी है कि नागरिक सुरक्षा निदेशालय के एक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी ट्वीट में विज्ञापन वापस लेने एवं अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की बात की है। इतना तो सामान्य बात है जो होना ही था। जो विज्ञापन छप गया वो तो वापस नहीं हो सकता है। इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए कि आखिर यह कैसे हुआ? इसके आधार पर सजा होनी चाहिए ताकि दोबारा ऐसी भयानक गलती न हो।

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