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आईएस के चंगुल से छूटी यजीदी महिलाओं ने जो कहा उससे रोंगटे खड़े हो जाते हैं

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अवधेश कुमार

हाल ही में दो यजीदी महिलाओं ने आईएस आतंकवादियों की यातनाओं और क्रूरताओं का जो आपबीती सुनाईं हैं उनसे किसी के रोंगटे खड़े हो जाएंगे। आ ईएस आतंकवादियों ने इन्हें घर से उठा लिया था। जैसा वे करते हैं इन्हें  कई बार बेचा गया और कई महीनों तक सेक्स दासी बनाकर रखा गया।

वैसे तो आईएसआईएस आतंकवादियों की क्रूरतायें अब समाचार नहीं बनतींफिर भी कुछ घटनायें ऐसी हैं जिनको सामने लाना आवश्यक है। हाल ही में दो यजीदी महिलाओं ने आईएस आतंकवादियों की यातनाओं और क्रूरताओं का जो आपबीती सुनाईं हैं उनसे किसी के रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
आईएस आतंकवादियों ने इन्हें घर से उठा लिया था। जैसा वे करते हैं इन्हें कई महीनों तक सेक्स स्लेव बनाकर रखा। फिलहाल, उनके चंगुल से मुक्त दोनों महिलाएं इराक के एक शरणार्थी शिविर में रह रही हैं। इन्होंने ब्रिटिश न्यूज वेबसाइट मेल ऑनलाइन को अपनी कहानी सुनाई।
बंधक बनाकर रखी गई एक महिला जिसे लड़की कहना होगा, क्योकि इसकी उम्र केवल 19 वर्ष है। इसने कहा कि उसे खरीदने वाला पहला शख्स उसका बलात्कार करता था। वह मना करती तो वह उसके एक साल के बच्चे को बुरी तरह पीटता था। महिला ने बताया कि सिर्फ बच्चे का ख्याल करके उसने आत्महत्या करने से खुद को रोक रखा था।

दूसरी महिला की उम्र 25 वर्ष है। उसने कहा कि आतंकवादियों ने उसे कई बार बेचा। वो उसे मॉर्फीन (नशीली दवा) देकर बिस्तर से बांध देते ताकि वो बेहोश रहे और शोर न मचा सके। एक ने तो उसे इतनी बुरी तरह पीटा था कि वो दो महीने तक अपने पैरों पर खड़ी भी नहीं हो पाती थी। आईएसआईएस उत्तरी इराक में पिछले साल अगस्त से अब तक 200 से ज्यादा यजीदी लड़कियों को अगवा कर चुका है। सबसे खूबसूरत लड़कियों को नीलामी के लिए स्लेव मार्केट भेज दिया जाता है, जहां उनके कपड़े उतरवाकर उन्हें महंगे दाम पर बेचा जाता है।

19 साल वाली पहली महिला के अनुसार पिछले साल अगस्त में उसे उत्तरी सिंजार स्थित एक गांव से अगवा किया गया था। उसने बताया कि मैं अपने पति और बच्चे के साथ थी, जब 30 कारों के काफिले में आए आतंकवादियों ने हमारे घर पर हमला कर दिया। आतंकी उन्हें बंधक बनाकर वहां से 50 मील दूर तल-अफर ले गए, जहां उसके पति को अलग कर दिया गया। बाद में उसे एक 50 वर्षीय आतंकवादी को बेच दिया गया। एक स्कूल में करीब 200 महिलाओं के साथ उसकी नीलामी की गई थी। हालांकि, उसे नहीं मालूम कि खरीददार ने उसकी कितनी कीमत चुकाई थी। आतंकी उसे अपने घर ले गया, जहां उसे अगले 10 महीनों तक बंधकर बनाकर रखा गया।

कुछ दिन पहले आईएसआईएस आतंकवादियों द्वारा एक 14 वर्षीय यजीदी लड़की का वर्जिनिटी टेस्ट किए जाने की खबर आई थी। वे इसे महंगे दाम पर बेचना चाहते थे। एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, इराक और सीरिया में हजारों यजीदी लड़कियों-महिलाओं को बेचा जा रहा है। सेक्स स्लेव बनाकर रखी जा रही कई लड़कियों की उम्र 14 साल से भी कम है।

अपने बच्चे की खातिर मैंने उसे सबकुछ करने दिया, जो वह चाहता था। बाद में उसे मोसुल के एक आतंकवादी को बेच दिया गया। इसके बाद उसे रक्का में रहने वाले इस्लामिक स्टेट के लीबियाई आतंकवादी को बेचा गया। वह वहां जिन दूसरी यजीदी लड़कियों के साथ 20 दिनों तक रही उनमें से एक की उम्र 22 साल और दूसरी सिर्फ 5 साल की थी। यहां एक आतंकवादी ने उसके सामने महिला और उसकी पांच साल की बच्ची से बलात्कार किया।
किसी तरह यह कुछ दिन बाद हिजाब पहनकर वहां से भाग निकली। मदद के लिए वह एक सीरियाई व्यक्ति के घर गई, जहां से उसने दोहुक में अपनी मां को फोन किया। कुछ दिन वहां छुपकर रहने के बाद सीरियाई व्यक्ति ने उसे 15,000 डॉलर (करीब साढ़े नौ लाख रुपए) के बदले सुरक्षित घर पहुंचाने की शर्त रखी। उसकी मां ने लोगों की मदद से किसी तरह इतने पैसे इकट्ठे किए। उसे इराक-सीरिया सीमा पर स्थित फिश-खाबुर में छोड़ा गया। यहां से वो दोहुक गई, जहां अब वो अपनी मां और बच्चे के साथ खानकी शरणार्थी शिविर में रह रही है। आतंकवादियों ने उसके पति, पिता और दो बहनों को बंधक बना रखा है। उसे किसी के जिंदा होने की उम्मीद नहीं है।

दूसरी महिला भी आतंकवादियों द्वारा यौन उत्पीड़न और अत्याचार का शिकार हुई। 3 अगस्त को आतंकवादियों ने दर्जनों अन्य लड़कियों के साथ सिंजार से उसे अगवा किया था। आतंकवादी उन्हें तल अफर की स्लेव मार्केट ले गए थे। उसे एक 35 साल के आईएसआईएस आतंकवादी को बेचा गया, जो उसे अपने घर ले गया। उसने कहा कि वो मुझे छूने की कोशिश करता तो मैं रोती थी। मैं उसका विरोध करना चाहती थी, लेकिन वो ताकतवर था। वो मुझे बिस्तर से बांध देता और मॉर्फीन के इंजेक्शन लगाता था।

उसने आतंकवादी की बंदूक छीनकर खुद को गोली मारने की कोशिश भी की थी लेकिन आतंकवादी ने उसे ऐसा करने से रोक लिया। तीन महीने बाद उसे मोसुल ले जाया गया, जहां एक सप्ताह तक उसे बादुश जेल में बंद रखा गया। बाद में उसे रक्का के एक 30 वर्षीय अरब आतंकवादी को बेच दिया गया।

इस महिला का कहना है कि अरबी बहुत क्रूर था। वो मुझे रोज मारता था। एक बार उसने मुझे इतना पीटा कि मैं दो महीने तक चल नहीं पाई थी। वह मुझसे दिन में छह बार नमाज अता करवाता और कुरान पढ़वाता था। इसके बाद उसे आईएसआईएस के चार अन्य आतंकवादियों को बेचा गया, जिन्होंने उसे सेक्स स्लेव बनाकर रखा। इन सब यातनाओं के बीच एक आतंकवादी को उसपर तरस आया और उसकी मदद से वो दो अन्य यजीदी लड़कियों के साथ भागकर अफरीन आ गई। कुछ दिन वहां रुकने के बाद वो सीमा तक आई और अपनी मां से मिली।

इन दोनों के डरावने अनुभव क्या बताते हैं? कहना न होगा कि आईएस इराक और सीरिया में यजीदियों के प्रति हर तरह की क्रूरता और जघन्यतम अपराध कर रहे हैं।
कुछ दिन पहले आईएसआईएस आतंकवादियों द्वारा एक 14 वर्षीय यजीदी लड़की का वर्जिनिटी टेस्ट किए जाने की खबर आई थी। वे इसे महंगे दाम पर बेचना चाहते थे। एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, इराक और सीरिया में हजारों यजीदी लड़कियों-महिलाओं को बेचा जा रहा है। सेक्स स्लेव बनाकर रखी जा रही कई लड़कियों की उम्र 14 साल से भी कम है।

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Awadhesh Kumar
A well known Public figure,Tv Panellist, Versatile senior Journalist,writer, popular public speaker in high demand, Political Analyst as well as Social Political Activist.

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