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अमेरिका में कालों के चर्च पर गोरे का खूनी हमला

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ऐतिहासिक ब्लैक चर्च में गोलीबारी में 9 की मौत से पूरा अमेरिका गमगीन

अवधेश कुमार

अमेरिका में दक्षिण कैरोलिना राज्य के चार्ल्सटन शहर स्थित एक अफ्रीकी-अमेरिकी चर्च में हुई फायरिंग ने पूरे देश को गमगीन कर दिया है। एक सभ्य और खुले समाज का देश माने जाने वाले लोगों के अंदर नस्लवाद या रंगभेद की अभी भी घृणा की ऐसी तीखी भावना है कि धार्मिक संस्थान पर हमला करने और लोगों केा मौत के घाट उतारने से भी गुरेज नहीं। वह भी उसी चर्च पर जिसे वे भी पवित्र उपासना स्थल मानते हैं। इस हमले में आरंभ में ही नौ निरपराध लोगों के मारे जाने की खबर आ गई। पुलिस का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

पुलिस प्रमुख ग्रेग मूले ने आरंभ में ही कहा कि मुझे लगता है कि यह नस्लीय हिंसा है।’’ श्वेत रंग के युवा हमलावर ने इसे हमले के Us Church atack reactionsलिए शायद इसलिए चुना क्योंकि यह चर्च अफ्रीकी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। यह अमेरिका के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित अफ्रीकन-अमेरिकन चर्चों में से है।

 

आखिर वह हमला क्यों हुआ? किसने किया? पुलिस न भी कहती तो इसे नस्लीय हमला मानने में समस्या नहीं थी। वैसे पुलिस प्रमुख ग्रेग मूले ने आरंभ में ही कहा कि मुझे लगता है कि यह नस्लीय हिंसा है।’’ श्वेत रंग के युवा हमलावर ने इसे हमले के लिए शायद इसलिए चुना क्योंकि यह चर्च अफ्रीकी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। यह अमेरिका के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित अफ्रीकन-अमेरिकन चर्चों में से है। इमानुएल अफ्रीकन मेथोडिस्ट एपिस्कॉपल चर्च की स्थापना 1816 में की गई थी। इस चर्च की स्थापना कब्रिस्तान को लेकर विवाद के बाद चार्ल्सटन के मेथोडिस्ट एपिस्कॉपल चर्च के अफ्रीकन-अमेरिकन सदस्यों ने की थी। चर्च के बेसमेंट में हर बुधवार की शाम पवित्र ग्रंथ बाइबिल पढ़ा जाता है।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात नौ बजे शहर के इमैन्युअल अफ्रीकन मेथडिस्ट एपिस्कोपल चर्च में एक बंदूकधारी ने अंधाधुंध गोलियां चला दी। हमले के दौरान इस ब्लैक चर्च में मीटिंग चल रही थी। पुलिस ने चर्च परिसर से शव बरामद किए गए हैं। वहीं, सिटी पुलिस चीफ ग्रेगरी मुलेन ने चर्च पर हमले को जघन्य अपराध करार दिया।

‘वाशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, चार्ल्सटन के मेयर जोसेफ रीले ने हमले को त्रासदी बताया। उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद दुखद त्रासदी है। लोग एक-दूसरे के साथ एकत्र होकर ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे। इसी बीच एक नृशंस व्यक्ति वहां आता है, लोगों पर गोलियां चला देता है। यकायक यकीन नहीं होता। कोई ऐसा कैसे कर सकता है? यह बेहद क्रूर है। इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।’’

पुलिस के मुताबिक, हमलावर 20 साल की उम्र का दुबला-पतला श्वेत लड़का है। उसने ग्रे कलर का स्वेट शर्ट और ब्लू जींस पहनी हुई है। मामले में कई संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हमलावर की तलाश में हेलिकॉप्टर भी लगा दिए गए हैं। चार्ल्सटन के मेयर जो रिले ने कहा है कि ऐतिहासिक चर्च पर हमला एक दर्दनाक त्रासदी है।

पूर्व विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने घटना पर शोक प्रकट करते हुए इसे हृदयविदारक बताया है। उन्होंने मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। गौरतलब है कि हिलेरी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2016 की उम्मीदवार हैं।

गोलीबारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पादरी थॉमस डिक्सन ने कहा, ‘‘यह बहुत बुरा है। हमलावर चर्च में घुसा और उसने ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी।’’
‘वाशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, चार्ल्सटन के मेयर जोसेफ रीले ने हमले को त्रासदी बताया। उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद दुखद त्रासदी है। लोग एक-दूसरे के साथ एकत्र होकर ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे। इसी बीच एक नृशंस व्यक्ति वहां आता है, लोगों पर गोलियां चला देता है। यकायक यकीन नहीं होता। कोई ऐसा कैसे कर सकता है? यह बेहद क्रूर है। इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।’’

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Awadhesh Kumar
A well known Public figure,Tv Panellist, Versatile senior Journalist,writer, popular public speaker in high demand, Political Analyst as well as Social Political Activist.

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